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International Multidisciplinary Research Journal Reviews (IMRJR)
International Multidisciplinary Research Journal Reviews (IMRJR) A monthly Peer-reviewed journal
e-ISSN 3108-026X
← Back to VOLUME 2, ISSUE 4, APRIL 2025

स्वास्थ्य संवर्धन में योगिक आहार की उपयोगिता

उत्कृष दीखित,डॉ0 गजानांद वानखेडे


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साराांश (Abstract): वतधमान युि मेंमानव जीवन अनेक प्रकार की र्ारीररक और मानगसक समस्याओं सेग्रस्त है, गजसका मुख्य कारण अनुगित जीवनर्ैली और असंतुगलत आहार है। ऐसेमेंयोि और योगिक आहार एक प्रभावर्ाली समार्ान के रूप मेंउभर कर सामनेआए हैं। योगिक आहार के वल र्रीर का पोषण नही ंकरता, बल्कि मन और आत्मा को भी र्ुद्ध करता है। यह साल्किक, सुपाच्य, और प्राकृ गतक खाद्य पदार्थों पर आर्ाररत होता है, जो न के वल रोि प्रगतरोर्क क्षमता को बढाता है, बल्कि मानगसक ल्कथर्थरता और आध्याल्कत्मक उन्नगत मेंभी सहायक होता है। यह र्ोर् योगिक आहार की पररभाषा, उसके घटक तिोंऔर स्वास्थ्य पर पड़नेवालेप्रभावोंका गवश्लेषण करता है। अध्ययन सेस्पष्ट होता हैगक गनयगमत योि अभ्यास के सार्थ संतुगलत योगिक आहार अपनानेसेमर्ुमेह, उच्च रक्तिाप, मोटापा आगद जैसी बीमाररयोंसे बिाव संभव है। सार्थ ही यह मानगसक तनाव को भी गनयंगित करता है। आज की भािदौड़ भरी जीवनर्ैली मेंयोगिक आहार को अपनाना स्वास्थ्यसंवर्धन की गदर्ा मेंएक सर्क्त कदम है। अतः यह आवश्यक हैगक समाज योगिक आहार की उपयोगिता को समझे और उसेअपनी गदनियाधमेंर्ागमल करे, गजससेसंपूणधस्वास्थ्य की प्राल्कि संभव हो सके । 

ां जी शब्द (Keywords): योगिक आहार, स्वास्थ्य संवर्धन, साल्किक भोजन, आर्ुगनक जीवनर्ैली, मानगसक एवं र्ारीररक स्वास

How to Cite:

[1] उत्कृष दीखित,डॉ0 गजानांद वानखेडे, “स्वास्थ्य संवर्धन में योगिक आहार की उपयोगिता,” International Multidisciplinary Research Journal Reviews (IMRJR) (IMRJR), DOI: 10.17148/IMRJR.2025.020412

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