फर्रुखाबाद के पर्यटन स्थलों से सरकार को राजस्व लाभ पर्यटन व्यय, स्थानीय आर्थिक गतिविधि एवं सार्वजनिक राजस्व का विश्लेषण
Harsh Dubey, Dr.Sachin Gupta
सारांश: पर्यटन क्षेत्र क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, स्थानीय
व्यापार के विस्तार तथा सार्वजनिक राजस्व में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। फर्रुखाबाद
जनपद में धार्मिक, बौद्ध, जैन, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पारिस्थितिक पर्यटन की विविध
संभावनाएँ उपलब्ध हैं। संकिसा, कंपिल, नीव करोरी धाम, पांडवेश्वर नाथ मंदिर, पंचाल
घाट, प्राचीन गंगा घाट, कुठिला झील तथा श्री रामनगरिया मेला इस पर्यटन आधार के प्रमुख
घटक हैं। जिला प्रशासन के आधिकारिक पर्यटन विवरण के अनुसार इन स्थलों का धार्मिक एवं
ऐतिहासिक महत्व है तथा कुछ स्थलों पर देश-विदेश से पर्यटक एवं श्रद्धालु आते हैं।
प्रस्तुत अध्ययन का
उद्देश्य फर्रुखाबाद के पर्यटन स्थलों से सरकार को प्राप्त होने वाले प्रत्यक्ष एवं
अप्रत्यक्ष राजस्व के संभावित स्रोतों का विश्लेषण करना तथा एक जिला-स्तरीय पर्यटन
राजस्व आकलन ढाँचा विकसित करना है। अध्ययन में मुख्यतः द्वितीयक आँकड़ों, सरकारी प्रकाशनों,
जिला प्रशासन के आधिकारिक अभिलेखों तथा पर्यटन अर्थशास्त्र से संबंधित शोध-साहित्य
का उपयोग किया गया है। अध्ययन यह मानता है कि पर्यटन का आर्थिक प्रभाव केवल प्रवेश
शुल्क तक सीमित नहीं होता, बल्कि आवास, भोजन, परिवहन, स्थानीय बाजार, धार्मिक सामग्री,
पार्किंग, अस्थायी मेले की दुकानें, सेवा शुल्क तथा पर्यटन से उत्पन्न व्यवसायिक गतिविधियों
के माध्यम से विस्तृत होता है।
अध्ययन का प्रमुख निष्कर्ष
यह है कि फर्रुखाबाद में पर्यटन से सरकार को होने वाले राजस्व का सही आकलन करने के
लिए केवल पर्यटक संख्या पर्याप्त नहीं है। एकीकृत पर्यटन राजस्व सूचना प्रणाली के माध्यम
से पर्यटक संख्या, पर्यटक व्यय, आवासीय गतिविधि, स्थानीय व्यापार, शुल्क, कर तथा मेले
से संबंधित आर्थिक गतिविधियों को एक साथ मापना आवश्यक है। इस अध्ययन में कोई काल्पनिक
या अप्रमाणित राजस्व राशि आधिकारिक आँकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं की गई है।
प्रमुख शब्द: पर्यटन राजस्व, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश, धार्मिक पर्यटन,
सांस्कृतिक पर्यटन, विरासत पर्यटन, स्थानीय आर्थिक विकास, सरकारी राजस्व, पर्यटन व्यय,
सतत पर्यटन।
How to Cite:
[1] Harsh Dubey, Dr.Sachin Gupta, “फर्रुखाबाद के पर्यटन स्थलों से सरकार को राजस्व लाभ पर्यटन व्यय, स्थानीय आर्थिक गतिविधि एवं सार्वजनिक राजस्व का विश्लेषण,” International Multidisciplinary Research Journal Reviews (IMRJR) (IMRJR), DOI: 10.17148/IMRJR.2026.031003
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